संपर्क मार्गो के खस्ता हाल से रेवती बाजार प्रभावित
रेवती (बलिया)। भारत गांवों का देश है।गांवों के विकास के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार काफ़ी योजनाएं चला रही है। बावजूद विकास खंड रेवती को जोड़ने वाले दियरांचल की लाईफ लाईन आधा दर्जन संपर्क मार्गो के खस्ता हाल के चलते रेवती का विकास प्रभावित हो रहा है। टीएस बंधा के तटवर्ती दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले 5 किलो मीटर लंबे रेवती दत्तहा संपर्क मार्ग शुरुआत में बीज गोदाम से बाड़ीगढ छोटी पुलिया तक 100 मीटर तथा आगे छपरासारिव, लमुही तिराहे से बंधे तक 2 किलो मीटर इतना अधिक क्षतिग्रस्त है कि सवारी की कौन कहे पैदल आने जाने वाले भी आए दिन चोटिल होते रहते हैं। रेवती उत्तर टोला पुल से कुसौरीकला जाने वाला संपर्क मार्ग के खस्ताहाल के चलते कुसौरीकला शोभनाथपुर,नैना, महाधनपुर आदि गांवों के लोग रेवती आने के बजाय सहतवार का रूख कर लेते हैं। हरिहाकला मार्ग पर एक किलो मीटर सामान्य मरम्मत का कार्य हुआ है बाकी 4 किलो मीटर क्षतिग्रस्त है। गायघाट अधैला मार्ग डेढ़ दशक से क्षतिग्रस्त है जिससे आमजन को आने जाने में काफ़ी परेशानी झेलनी पड़ती है। तीन किलो मीटर लंबे दलछपरा श्रीनगर संपर्क मार्ग एक किलो मीटर बना है शेष दो किलो मीटर अभी भी डेमेज है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल रेवती के अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि संपर्क मार्गो के क्षतिग्रस्त होने से रेवती बाजार प्रभावित है। वही क्षेत्र का विकास भी अवरूद्ध है।
पुनीत केशरी
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