खड़ीचा गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग : चार दर्जन रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख,आधा दर्जन मवेशियों की मौत, पीड़ितों ने की मुआवजा की मांग
गड़वार (बलिया) स्थानीय थाना क्षेत्र के खड़ीचा गांव के छपरा राजभर बस्ती में शनिवार की दोपहर में अज्ञात कारणों से लगी आग में बस्ती में स्थित लगभग चार दर्जन से ऊपर रिहायशी झोपड़ियां जलकर पूरी तरह से खाक हो गई। जिसमे रखा नकदी सहित गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो गया। खड़ीचा गांव के छपरा राजभर बस्ती में शनिवार की दोपहर में किसी झोपड़ी में आग लग गई। तेज पछुआ हवा के कारण देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया,और बस्ती की पूरी रिहायशी झोपड़ियों को अपने आगोश में ले लिया। इस अगलगी की घटना में लाल साहब राजभर की एक भैंस,एक गाय,एक पड़िया,दो बकरी, हरख राजभर की एक भैंस व एक गाय भी बुरी तरह झुलस कर मर गई। वहीं शिवानंद राजभर,बच्चेलाल राजभर,पंचदेव,धीरज,नथुनी,शिवशंकर सहित बस्ती के लगभग चार दर्जन से ऊपर के लोगों की रिहायशी झोपड़ियां जलकर पूरी तरह राख हो गई।
इस दौरान झोपड़ियों में सो रही महिलाएं एवं बच्चे,बुजुर्ग किसी तरह से बाहर निकल अपनी जान बचाई और हो हल्ला करने लगे। घटना की सूचना पर आसपास के गांव के सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। और लोग आग पर काबू पाने के लिए ट्यूबवेल चलाकर बाल्टी से आग पानी डालकर बुझाने की पूरी कोशिश कर रहे थे लेकिन जब तक आग पर काबू पाते तब तक झोपड़ियां पूरी तरह जलकर राख हो गई। लोगों ने इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। दमकल आग लगने के लगभग एक घंटे बाद मौके पर पहुंची और अंत में थोड़ा बहुत आग जल रहा था उसको बुझाया। बस्ती के निवासी अधिकतर खेती एवं मजदूरी का काम करते है। इस अगलगी की घटना से उनके सामने से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर की महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल है। बस्ती के लोगों के सामने रहने एवं खाने के लाले पड़ गए है। रिहायशी झोपड़ियों के जलने के कारण बेघर हो गए है। वहीं जंगली बाबा धाम के सेवक सतीश उपाध्याय भी मौके पर पहुंचकर लोगों को यथा संभव करने व कराने का आश्वासन दिया। मौके पर पंचायत सचिव आनंद कुमार राव, स्थानीय पुलिस एवं पशुपालन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच कर आवश्यक कार्रवाई में जुट गए।
रिपोर्ट : धनेश पाण्डेय
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